उदाहरण एक--
क कुछ साल पहले मुझे घर के काम काज में मदद करती थी। उसकी तीन बेटियां थी। वह बहुत दुखी रहती थी। कारण उसका पति अपनी सारी कमाई नशे पते में बरबाद कर देता था।अभी उसकी एक सहेली ने बताया कि क ने अपना नशेड़ी पति छोड़ दिया है। अपने तीनों बेटियों के साथ वह किसी अंय पुरुष के साथ रहने लग गई। उसका अब एक बेटा भी है।ब्राह्मणी पितृसत्ता के झंडाबरदारों को नारी की यह स्वायत्ता रास नहीं आएगी। अतः वे इसे अधार्मिक अनैतिक अभारतीय कहेंगे।परंतु यह स्वतंत्रता आम भारतीय स्त्री पुरुष ( जो अंग्रेजी से बिलकुल भी वाकिफ नहीं हैं)युगों से भोग रहे हैं। केवल ब्राह्मणी पितृसत्ता स्वायत यौन संबंधों पर नियंत्रण लगाती है। आम भारतीय हमेशा से ही इस पितृसत्ता के दायरे से बाहर रहा है।आज हर भारतीय को इस पितृसत्ता के दायरे में जबरदस्ती लाने की धर्म के ठेकेदारों की कोशिश का पुरजोर विरोध करना आवश्यक है।
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