बुधवार, 23 जून 2010

भोपाल गैस पीड़ितों को न्याय

मंत्री समूह ने आखिरकार अपनी रपट प्रधान मंत्री को दे दी और उमीद के अनुरूप ही अपने सुझाव दिये। मंत्री समूह को दाव जोंस के विरुद्ध जाने की हिम्मत ही नहीं थी। अतः 25 साल बाद भोपाल का जहरीला कचरा अपने खर्चे पर निपटाने का सुझाव दे डाला। ओबामा जैसी शिद्दत से मुआवजा वसूलने का माद्दा इन मंत्रियों के पास होता तो क्या आज हमारे देश की यह हालत होता।

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